छावनी परिषद् , सुबाथु(रक्षा मन्त्रालय के अधीन)

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सत्यमेव जयते

सुबाथु का इतिहास

शिमला हिल्स की उदारवादी जलवायु तथा यहाँ के ऊंचाई वाले क्षेत्र यहाँ आने सेलानियों के लिए एक बड़ा आकर्षण है | यहाँ की काफी अच्छी तरह से संरक्षित वन पाइन तथा सिमित सीढ़ीदार खेती मिलकर इस छावनी को बनाता है , पक्षियों के प्रजनन के लिए भी गर्मियों और सर्दियों के लिए उपयुक्त स्थान है, तथा साथ ही पक्षियों के जीवन के लिए एक न्यूनतम मानव अशांति का भी उपयुक्त वातावरण प्रदान करता है |

यहाँ पर गुग्गा नवमी का त्योहार गुग्गा श्रद्धालुओं द्वारा धूमधाम से मनाया जाता है | यह मेला जन्माष्टमी के पंद्रह दिन बाद तथा इस मेले में दूर-दूर से विदेशी श्रद्धालु भारी संख्या में भाग लेते हैं | सुबाथु से 06 किलोमीटर दूर ब्रिजेश्वर देव का प्राचीन मंदिर स्थित है |

1815-16 में जब गोरखा युद्ध समाप्त हुआ था, उसके बाद सुबाथु के महत्व का तेजी से इजाफा हुआ | शिमला के लिए जाने वाली पुरानी सड़क के प्रमुख रास्ते पर पहाड़ी राज्यों के लिए नवनियुक्त ब्रिटिश राजनीतिक एजेंट का ठहराव था, ' पुरानी सड़क ' सीधे कसौली कालका से गुलाब , सनावर में लॉरेंस स्कूल के पास से जाती हुई धर्मपुर होते हुए सुबाथु को निकलती है तथा शिमला के लिए यह सड़क सायरी और काक्र्हात्ति गाँव होते जाती है | सुबाथु प्रारंभिक वर्षों से ही ब्रिटिश भारतीय सेना में गोरखा के लिए एक प्रमुख भर्ती केंद्र था ! शिमला ग्रीष्मकालीन राजधानी को जाते हुए गवर्नर्स ' जनरल और वायसराय घोड़े की पीठ पर सवार होकर जाते थे तो सुबाथु में इनका ठहराव हुआ करता था | यह अब गोरखाज के लिए भारतीय सेना का रेजिमेंटल सेंटर है | यह शहर 1265 मीटर की ऊंचाई पर बसा है तथा धर्मपुर ( राष्ट्रीय राजमार्ग ) से 15 किमी दूर है | सुबाथु बांस के जंगलों और कुछ देवदार और विशाल सफेदे के पेड़ों से घिरा हुआ है |यह छोटा सा सेना शहर काफी बेदाग है, और यहाँ की पुरानी धरोहर को अच्छी तरह से संजो कर रखा हुआ है | सुबाथु की अति उल्लेखनीय पुरानी संरचनाओं में से एक है धरोहर है वायसराय लॉज जो कि 1880 में बनाया गया जिसमे ब्रिटिश गवर्नर जनरल ठहरा करते थे | यहाँ के पुराने कब्रिस्तान भी एक यात्रा के लायक है |

सुबाथु , कुठार की पूर्व रियासत से लगभग 20 किलोमीटर दूर गम्बर नदी के ऊपर सुबाथु छावनी के पास स्थित है | इस राज्य को सूरत चंद ( जम्मू के निकट ) किश्तवाड़ से एक साहसी राजा द्वारा स्थापित किया गया था | ' गोरखा युद्ध' के अंत में विजयी अंग्रेजों ने उन्नीस वर्ग मील में फैले हुए राज्य क्षेत्र को सितम्बर 1815 पर राणा को 1000 / - रूपये शुल्क पर बहाल कर दिया | इसकी मुख्य संरचना है जो कि महल का सबसे पुराना अनुभाग है , 800 से अधिक साल पुराना माना जाता है | इसका कुछ भाग एक जीर्ण - शीर्ण हालत में हैं, लेकिन दीवारें भित्ति चित्रों से उल्लेखनीय हैं |


रूपरेखा

अवलोकन

स्थापना

1875

शेत्र फल

594.25 एकड़

जनसँख्या 2011 की जनगणना के अनुसार

3685

छावनी परिषद् कार्यालय का स्थापन

बंगला संख्या 45-A, हेज़ल्डिन


दृष्टिगोचर

  • To emerge as one of the best managed Cantonment providing quality services to the troops and civil population
  • To maintain friendly, clean and green Cantonment free from any pollution.
  • To move towards a self sustaining local body.

लक्ष्य

  • Excellence in work, service and commitments thereby providing :
  • Service in courteous and professional manner.
  • Maintaining and developing the value of property vested in or entrusted to.
  • To encourage conservation measures for water and environment.
  • Prevention and removal of encroachment and unauthorized construction.
  • To manage and utilize the resources in a judicious way in better interest of the Board and its citizens.

हमारे मूल्य

  • Respect, compassion, dedication and commitment to our duties.
  • Courteous, honest and impartial in our duties and services.

छावनी परिषद् के कार्य और कर्तव्य

The Cantonments Act, 2006 lays down the duties and discretionary functions of the Board and the manner in which these are to be performed subject to the funds at its disposal. The Cantonment Board is also empowered to formulate regulations relating to administration and frame byelaws controlling various spheres of activities such as erection/ re-erection of buildings, sanitation, hygiene etc. with the prior approval of the Central Govt. The Cantonment Board Subathu has also notified its byelaws governing various acts, aspects and municipal administration in the cantonment area. As per Section 62 and 64 of the Cantonments Act, 2006, the Board has been entrusted with several crucial municipal functions such as street light, building activity regulations, water supply, sanitation, health, primary education, public safety and town planning scheme. Apart from these the Cantonment Board also undertakes various development measures under public improvement schemes like development of parks/ gardens and other public welfare projects. It shall be the duty of every Board, so far as the funds at its disposal permit, to make reasonable provision within the cantonment for


  1. Lighting streets and other public places;
  2. Watering streets and other public places;
  3. Cleansing streets, public places and drains, abating nuisances and removing noxious vegetation;
  4. Regulating offensive, dangerous or obnoxious trades, callings and practices;
  5. Removing, on the ground of public safety, health or convenience, undesirable obstructions and projections in streets and other public places;
  6. Securing or removing dangerous buildings and places;
  7. Acquiring, maintaining, changing and regulating places for the disposal of the dead;
  8. Constructing, altering and maintaining streets, culverts, markets, slaughter-houses, latrines, privies, urinals, drains, drainage works and sewerage works and regulating their use;
  9. Planting and maintaining trees on roadsides and other public places;
  10. Providing or arranging for a sufficient supply of pure and wholesome water, where such supply does not exist, guarding from pollution of water used for human consumption and preventing polluted water from being so used;
  11. Registering births and deaths;
  12. Preventing and checking spread of dangerous diseases; establishing and maintaining a system of public vaccination and inoculation for the said objective;
  13. Establishing and maintaining a system of public vaccination and inoculation;
  14. Establishing and maintaining or supporting public hospitals dispensaries, and providing public medical relief;
  15. Establishing and maintaining primary schools;
  16. Rendering assistance in extinguishing fires, and protecting life and property when fires occur;
  17. Maintaining and developing the value of property vested in, or entrusted to the management of, the Board;
    • establishing and maintaining civil defence services;
    • preparing and implementing town planning schemes;
  18. Preparing and implementing plans for economic development and social justice;
  19. Naming and numbering of streets and premises;
  20. According or refusing permission to erect or re-erecting building;
  21. Organizing, promoting or supporting cultural and sports activities;
  22. Celebrating Independence Day and Republic Day and incurring expenditure theron;
  23. Fulfilling any other obligation imposed upon it by or under this Act or any other law for the time being in force.


A Board may, subject to any conditions imposed by the Central Government, manage any property entrusted to its management by the Central Government on such terms as to the sharing of rents and profits accruing from such property as may be determined by rule made under Section 125.




अस्वीकरण: इस वेबसाइट पर सही जानकारी उपलब्ध कराने के सभी प्रयासों के बावजूद भी, यहाँ दी किसी जानकारी में किसी त्रुथी के कारन, किसी व्यक्ति को हुए नुक्सान के लिए मुख्य अधिसाशी अधिकारी, छावनी परिषद् सुबाथु जिम्मेवार नहीं होगा | कृपया पायी गयी किसी भी त्रुथी कि जानकारी मुख्य अधिसाशी अधिकारी, छावनी परिषद् सुबाथु को दें |